वीज़ा होने के बावजूद अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तान जाने से रोका गया, 200 सिख हुए नाराज़

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पाकिस्तान की ओर से दावा किया जा रहा है की शुक्रवार 14 जून को भारत ने पाकिस्तान की ट्रेन भारतीय सीमा पर रोक दी गई। इस ट्रेन में कुल 200 यात्री मौजूद थे। यह सभी यात्री जोर मेला उत्सव के लिए पाकिस्तान जा रहे थे। लेकिन पाकिस्तान दावा कर रहा है की इन सभी यात्रियों को पाकिस्तान में आने की इजाजत नहीं दी गई। इवेक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) प्रवक्ता आमिर हाशमी ने बताया कि पाकिस्तान ने तकरीबन 200 भारतीय सीखो को जोर मेला (गुरु अर्जुन देव जी की पुण्यतिथि) में शामिल होने के लिए वीजा जारी किया गया था, और वह सभी यात्री पाकिस्तान की एक ट्रेन से पाकिस्तान पहुंचने वाले थे। लेकिन भारत सरकार ने पाकिस्तान की ट्रेन को सीमा में प्रवेश करने के लिए इंकार कर दिया।

आसिम दावा कर रहे हैं कि हम इंतजार कर रहे हैं। सिख यात्रियों को लाने के लिए। पाकिस्तानी ट्रेन को सीमा पार रवाना कर दिय गया था। सीमा पर भारतीय अधिकारियों के साथ संपर्क में रहे। लेकिन भारत की ओर से साफ इनकार कर दिया गया। लेकिन भारत के अधिकारियों की ओर से यह पुष्टि नहीं की गई है किन कारणों से इंकार किया गया।

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सीख श्रद्धालुओं एसजीपीसी की निगरानी और उसकी अगुवाई में ही पाकिस्तान जाने दिया जाता है। देश के विभिन्न राज्यों के सिख श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं। लेकिन सभी यात्रियों को अटारी रेलवे स्टेशन रोक दिया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने अटारी रेलवे स्टेशन पर नारेबाजी करना शुरू कर दी। श्रद्धालुओं का कहना हैकिंग दिल्ली के उच्चायोग ने यात्रियों को वीजा जारी किया था लेकिन फिर भी है उन्हें पाकिस्तान जाने की मंजूरी नहीं दी गई।

पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा के प्रबंधक कमेटी पीएसजीपीसी के अध्यक्ष तारा सिंह का कहना है कि बस इस फैसले से पाकिस्तान के सिख समुदाय को ठेस पहुंची है। यह मामला सरकारी और धार्मिक मामला बन गया। क्योंकि यह मामला श्रद्धालुओं की श्रद्धा से जुड़ा हुआ है। देखने वाली बात यह होगी कि भारत सरकार यात्रियों को रोकने के क्या वजह बताती हैं, और वह वजह जायज ओगी या नहीं। देश और दुनिया की ताजा खबर के लिए हमारे साथ बने रहें।

 

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