Camels killed in Australia: 10 हजार ऊंटों को क्यों एकसाथ दी जाएगी मोत ?

Camels killed in australia, south australia, camel drink water, australia fire, australia bushfire, australia forest fire, ऑस्ट्रेलिया आग, ऑस्ट्रेलिया के जंगल में आग, जंगली ऊंट, ऑस्ट्रेलिया ऊंट, weird news, strange news

Camels killed in australia, south australia, camel drink water, australia fire, australia bushfire, australia forest fire, ऑस्ट्रेलिया आग, ऑस्ट्रेलिया के जंगल में आग, जंगली ऊंट, ऑस्ट्रेलिया ऊंट, weird news, strange news

Camels killed in Australia: ज्यादातर यही देखा जाता है की जानवरों को बचाने के लिए कोई अभियान शुरू किया जाता है, या फिर लोगो द्वारा प्रोटेस्ट किया जाता है। लेकिन अब जो हम आपको बताने वाले है, उसे जान कर आप हैरान और सोच में पड़ जायेगे, की ऐसा कैसे किया जा सकता है। तो चलिए बिना किसी देरी के शुरू करते है। ऑस्ट्रेलिया में जानवरो को बचाया नहीं जा रहा, बल्कि उसके विपरीत उन्हें मारा जा रहा है। बता दे की ऑस्ट्रेलिया के आदिवासी नेताओं के एक फैसले ने सबको हैरान और परेशान कर दिया है। दरशल आदिवासी नेताओं ने 10 हजार ऊंटों को मारने का फैसला लिया है, जी हां सुनने में थोड़ा अजीब लगता है लेकिन यह सत्य है।

10 हजार जंगली ऊंटों को मारा जायेगा

अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा की ऐसा क्यों किया जा रहा है ? तो आपको बता दे की आदिवासी नेताओं का इसके पीछे यह कहना है की कुछ सालों में इन ऊंटों की जनसंख्या बहुत तेज़ी से बड़ी है, जिसके चलते सूखाग्रस्त इलाकों में पीने के पानी को बचाने के लिए दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में करीब 10 हजार जंगली ऊंटों को मारने का आदेश दिया है। 10 हजार ऊंटों को मारने का काम बुधवार यानि आज किया जायेगा। इन सभी 10 हजार ऊंटों को पेशेवर निशानेबाज हेलीकॉप्टर की सहयता से मोत की घाट उतारेंगे।

इसके पीछे आदिवासियों ने यह दलील दी है की जंगली ऊंट पानी की तलाश में उनके इलाके में आते हैं और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाते हैं।इसी के चलते यह फैसला लिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया को करने में लगभग 5 दिनों का समय लग सकता है।

क्यों मारा जा रहा है जंगली ऊंटों को ?

आपकी जानकारी के लिए बता दे की पशुओ के कारण हर वर्ष एक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन होता है। जिसके चलते ग्लोबल वार्मिंग बहुत तेज़ी से बड़ रही है, वही दूसरी और ऊंट प्रबंधन योजना का दावा है कि अगर ऊंटों को लेकर कोई रोकथाम योजना नहीं लाई गई तो यहां जंगली ऊंटों की आबादी हर नौ साल में दोगुनी हो जाएगी। जो एक चिंता का विषय है। ऊंट प्रबंधन योजना का दावा है कि अगर ऊंटों को लेकर कोई रोकथाम योजना नहीं लाई गई तो यहां जंगली ऊंटों की आबादी हर नौ साल में दोगुनी हो जाएगी, और हमे वही देखने को मिल रहा है। इसलिए अब यह सख्त कदम उठाए जा रहे है। देश और दुनिया की ताज़ा खबरों के लिए हमारे साथ बने रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here