Chandra Shekhar Azad 113th Birth Anniversary: चंद्रशेखर आजाद से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बाते

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Chandra Shekhar Azad: महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की आज जयंती है। इस खुसी के पल पर पुरे भारत में उन्हें याद किया जा रहा है। चंद्रशेखर आजाद देश की आज़ादी में बहुत बड़ी भूमिका अदा की थी। चंद्रशेखर आजाद के नाम से ही अंग्रेजी हकूमत कांपा करती थी। वह इतने निडर और सच्चे देश भक्त थे, अंग्रेज़ उनकी इसी देश भक्ति के कारण डरा करते थे। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चंद्रशेखर आजाद को उनकी जयंती पर याद किया और नमन किया। चंद्रशेखर आजाद एक सच्चे देश भक्त थे, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपने परणो की आहुति दी थी। चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्य प्रदेश में हुआ था। द्रशेखर आजाद अपने बेखौफ अंदाज और देश के लिए उनका सच्चा प्यार की वजह से जाने जाते थे। चंद्रशेखर सिर्फ 14 साल की उम्र में 1921 में गांधी जी के असहयोग आंदोलन से जुड़ गए थे। वह बचपन से ही देश के लिए कुछ कर गुज़रने के लिए त्यार हो गए थे। बड़े हो कर वह हिन्दुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य बन गए।

चंद्रशेखर आजाद Chandra Shekhar Azad से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बाते।

  1. महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद का जन्म मध्य प्रदेश के झाबुआ में हुआ था। आपकी जानकारी के लिए बता दे की जिस स्थान पर चंद्रशेखर आजाद जी का जन्म हुआ था, उस जगह का नाम बदल क्र अब आजादनगर नाम रख दिया गया है।
  2. चंद्रशेखर आजाद जी बचपन से ही आज़ादी की लड़ाई में कूद गए थे। बचपन से ही उन्होंने क्रांतिकारियों का साथ देना शुरू कर दिया था। और अंग्रेज़ो के खिलाफ लड़ाई में जुट गए थे।
  3. आपको जान कर हैरानी होगी की चंद्रशेखर आजाद को अपनी पहली सज़ा में 15 कोड़े खाने पड़े थे। इतना ही नहीं जिस वक्त उनको यह सज़ा दी जा रही थी, उस समय वह वंदे मातरम के साथ-साथ महात्मा गांधी की जय के नारे लगा रहे थे। इस पूरी घटना के बाद उनको चंद्रशेखर आजाद के नाम से जाने लगा।
  4. जिस वक्त उन्हें पहली सज़ा सुनाई जा रही थी। उस समय उन्होंने ऐसा जबाव दिया जिससे वहां बैठे अंग्रेज सकते में आ गए। चंद्रशेखर आजाद जी ने अपना नाम आजाद बताया। पिता का नाम स्वतंत्रता और निवास स्थान के नाम पर जेल का नाम लिया। जिसके बाद सभी हैरान हो गए थे। इस बात से अनुमान लगाया जा सकता है, की उनमे देश के प्रति कितना प्यार था।
  5. चौरा-चौरी घटना के कारण महात्मा गांधी ने अपने आंदोलन को वापस ले लिया था, जिसके बाद बहुत से क्रांतिकारी कांग्रेस ले अलग हो गए थे। जिसके बाद एक संगठन गठन हुआ जिसका नाम हिन्दुस्तानी प्रजातान्त्रिक संघ रखा गया। इस संगठन में चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जैसे महान क्रांतिकारी इस संगठन में शामिल थे।
  6. हिन्दुस्तानी प्रजातान्त्रिक संघ संगठन में बहुत बड़े क्रांन्तिकारि शामिल हुए और उन्होंने आगे जा कर सरकारी खजानों को लूटना शुरू कर दिया। जिसमे से एक सबसे लोकप्रिय लूट काकोरी ट्रेन थी। जिसे अब तक याद किया जाता है। इस डकैती में चंद्रशेखर आजाद के साथ रामप्रसाद बिस्मिल और भगत सिंह भी शामिल थे।
  7. आजाद ने कहा था कि वह आजाद हैं और आजाद ही रहेंगे। वह कहते थे कि उन्हें अंग्रेजी सरकार जिंदा रहते कभी पकड़ नहीं सकती और न ही गोली मार सकती है।
  8. जब अंग्रेज़ो ने चंद्रशेखर आजाद जी को गोली मारी थी, अंग्रेजी पुलिस की उनके पास जाने की हिम्मत नहीं कर पा रही थी। काफी देर बाद जब वहां से गोली नहीं चली तो अंग्रेजो थोड़ा आगे बढ़े। जब अंग्रेजी पुलिस पूरी तरह से संतुष्ट हो गई तब उन्होंने आज़ाद के पास आने की हिम्मत करी।
  9. जिस पार्क में चंद्रशेखर आजाद हमेशा के लिए आजाद हो गए आज उस पार्क को चंद्रशेखर आजाद पार्क के नाम से जाना जाता है।

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