Maharshi Dayanand Saraswati Jayanti: जानिए कुछ ख़ास बातें महर्षि दयानद सरस्वती जी के बारे में

जानिए कुछ ख़ास बातें महर्षि दयानद सरस्वती जी के बारे में

आज महा ऋषि दयानंद सरस्वती जयंती है, और आज हम आप सभी के लिए इनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें आप सभी के सामने लेकर आये हैं। आपकी जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि दयानंद जी एक समाज सुधारक थे इसके अलावा एक सच्चे देश भक्त भी थे। आपको बता दें कि दयानंद जी का जन्म 12 फरवरी 1824 को मोरबी (मुम्बई की मोरवी रियासत) के पास काठियावाड़ क्षेत्र (जिला राजकोट), गुजरात में हुआ था। दयानंद जी के पिताजी का नाम कर्शन लाल जी  हैं और इनकी माता जी का नाम यशोदा बाई हैं। ऐसा कहा जाता है कि दयानंद जी ने ज्ञान प्राप्त करने के लिए 21 साल की उम्र में ही अपना घर छोड़ दिया था और इसी कारण उन्होने शादी भी नहीं करि।

 

1. “ये ‘शरीर ‘नश्वर’ है, हमे इस शरीर के जरीए सिर्फ एक मौका मिला है, खुद को साबित करने का कि, ‘मनुष्यता’ और ‘आत्मविवेक’ क्या है।” ~ स्वामी दयानन्द सरस्वती

2. “वेदों मे वर्णीत सार का पान करनेवाले ही ये जान सकते हैं कि  ‘जिन्दगी’ का मूल बिन्दु क्या है।” ~ स्वामी दयानन्द सरस्वती

3. “क्रोध का भोजन ‘विवेक’ है, अतः इससे बचके रहना चाहिए। क्योकी ‘विवेक’ नष्ट हो जाने पर, सब कुछ नष्ट हो जाता है।” ~ स्वामी दयानन्द सरस्वती

4. काम करने से पहले जो सोचे वो है-बुद्धिमान,
वो है-सतर्क काम करते हुए जो सोचे,
काम करने के बाद सोचे वो है-बुद्धू,
सदा सोचो, बड़ा सोचो, स्वामी जी ने है सिखाया.

5. सदा याद करो भगवान को,
वही करता दूर सबकी मुश्किल,
हर दुःख बन जाता सुख,
जो चाहो होता वो हासिल.

स्वामी दयानंद सरस्वती जी को सभी वेदों का ज्ञान था, इसके अलावा उन्होंने कर्म सिद्धान्त, पुनर्जन्म, ब्रह्मचर्य तथा सन्यास को ही अपना जीवन बना लिया था। हिंदी और संस्कृति का अच्छा ज्ञान होने की वजह से स्वामी जी ने 7 अप्रैल 1875 में आर्य समाज की इस्थापना कर दी थी।

6. अगर दोगे तुम दुनिया को अपना बेस्ट,
तो मिलेगा तुमको भी वापिस बेस्ट,
लालच कभी ना करना तुम,
ये है तुम्हारा सबसे बड़ा रोग.

7. सबसे प्यारा संगीत है आवाज तुम्हारी,
मीठी आवाज ने सबकी दुनिया संवारी,
सरल बनो, लेकिन बनो तुम स्पष्ट,
ऐसे बनोगे तो होगा ना किसी को कष्ट.

8. इंसान को दिया गया सबसे बड़ा संगीत यंत्र आवाज है।

Swami Dayanand (स्वामी दयानंद सरस्वती)

9. दुनिया को अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिये, आपके पास सर्वश्रेष्ठ लौट आएगा।

Swami Dayanand (स्वामी दयानंद सरस्वती)

10. अज्ञानी होना कभी भी गलत नहीं होता, लेकिन हमेशा अज्ञानी ही बने रहना गलत होता है।

Swami Dayanand (स्वामी दयानंद सरस्वती)

आपको बता दें कि समाज सुधारक आधुनिक भारत के प्रणेता स्वामी दयानन्द सरस्वती जी की जयंती इस साल 18 फरवरी यानी कि मंगलवार के दिन मनाई जाएगी। आपको बता दें कि अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से इनका जन्म 12 फरवरी 1824 को हुआ था, इसके अलावा मूल नक्षत्र में पैदा होने के कारण इनका नाम मूलशंकर रख दिया गया।

11. सबसे उच्च कोटि की सेवा एक ऐसे व्यक्ति की मदद करना होता है, जो बदले में आपको धन्यवाद कहने में भी असमर्थ हो।

Swami Dayanand (स्वामी दयानंद सरस्वती)

12. धन एक वस्तु है जो ईमानदारी और न्याय से कमाई जाती है इसका विपरीत है अधर्म का खजाना।

Swami Dayanand (स्वामी दयानंद सरस्वती)

13. हर राष्ट्र करता उन्नति तब है,

जब होता उसका धर्म, भाषा भी एक,

अपने देश से सदा करो प्रीती,

इससे ही तो बना अपना तन और मन.

14. सत्यासत्य का निर्णय करने के लिए
परस्पर वैर-विरोध छोड कर संवाद
करना विद्धानों का कर्त्तव्य है !
महर्षि दयानंद

15. अज्ञानी होना कभी भी गलत नहीं होता,
लेकिन हमेशा अज्ञानी ही बने रहना
गलत होता है।

ऐसा कहा जाता है कि स्वामी जी ने अपने ज्ञान और बुद्धि की मदद से समाज से बाल विवाह जैसी प्रथा को हमेशा के लिए जड़ से उखाड़ फैका। अगर शिक्षा को लेकर बात करि जाए तो इन्हें वेदों का ज्ञान स्वामी विरजा नन्द जी से प्राप्त हुआ। आशा करते है कि आपको भी स्वामी जी से जुड़ी यह बाते काफी ज्यादा पसंद आई होगी। एक बार आप सभी को  दयानंद सरस्वती जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं

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