सोनचिड़िया फिल्म रिव्यु ,कितना कमाई करेगी फिल्म पहले दिन ?

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Image Source: DNA India

सोनचिड़िया फिल्म का नाम आपको किसी बाल फिल्म का नाम लगे गा, पर ऐसा नहीं है। इस फिल्म में तीन बाल कलाकार है। पहली एक लड़की है जो चाइल्ड एब्यूज की शिखार हुई है, जिसके संघर्ष को ही इस फिल्म में दिखाया गया है। दूसरा एक लड़का जो अपने पास एक बंदूक रखता है, अपनी माँ को मारने के लिए। तीसरी एक कत्ल हो चुकी लड़की गिल्ट बनाकर डराने आती है। यह है सोनचिड़िया फिल्म की स्टोरी। इस फिल्म का सुरवती सीन में एक जानवर की लाश सड़ रही है ,इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है, की फिल्म कितने डार्कनेस से भरी हुई है। फिल्म में आचलि भाषा में नार्मल डायलॉग भी बहुत अच्छे लगते है। जैसे ”सरकारी गोली से कोई कबहूँ मरे है, इनके तो वादन से मरे है सब , भाइयों बहनो” कहानी की बात करे तो मान सिंह एक डाकू की टोली का मुख्या है।

इसी टोली में दो और मुख्य किरदार है ,लखना (सुशांत सिंह), वकील सिंह (रणवीर शोरे) इनके पीछे एक पुलिस कर्मी वाला हाथ धो कर पड़ा है। जिसका नाम वीरेंदर सिंह गुज्जर (आशुतोष राणा ) है। गुज्जर की इस घुठ से निजी दुश्मनी है। कहानी में इन सब के किरदार के अलावा एक किरदार और आता है ,जिससे फिल्म का पूरा रुख बदल जाता है। जिसका नाम इंदुमती तोमर (भूमि पेडनेकर)  जो बाद में इनके साथ ही मिल जाती है। इंदु के साथ एक और 12 साल की लड़की है, जिसे वह अपनी बहन बताती है। इस फिल्म में डाकुओ की अछाई दिखाई गई है, की डाकू भी दयालु हो सकते है। फिल्म जब आप देखो गे तो आप यह बोलोगे की सभी डाकुओ के ऐसा ही होना चाइये। यह फिल्म कहि भी बुराई को नहीं दिखाती। हर किरदार का मानवीय पहलू है।

फिल्म के ट्रेलर और प्रमोशन को देख कर ही इस बात का अंदाज़ा लगाया जा सकता है, की यह फिल्म डाकुओ पर आधारित है। फिल्म में कलाकरो की एक्टिंग बहुत अच्छी रही है। सुशांत सिंह ने अपने करियर की बेस्ट एक्टिंग की है और भूमि ने अपने रोल के लिए काफी श्रम किया है। चंबल की औरत लगने के लिए बहुत म्हणत की है ,और जो फिल्म में भी देखि जा सकती है। मनोज अपने किरदार में नैतिक मूल्यों और अपने छोटे से रोल में मानसिंघ गेम ऑफ़ थ्रोन के नेट स्ट्रोक की याद दिलाते रहते है, रणवीर शोरे जिस एक्टर फिल्म में चार चाँद लगा देते है। ऐसी फिल्मो में छोटे छोटे सिनो पर बहुत दयान दिया जाता है ,और यह महन्त फिल्म में दिखाई भी देती है। ऐसी फिल्मे कुछ सिखने के उदेस्ये से मनाई जाती है। और इस फिल्म से बहुत कुछ सिखने को मिलता है।

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