वर्ल्ड वाइड वेब (www) ने किये अपने पुरे 30 साल, अपनी सालगिरह पर बनाया खास डूडल

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विश्व को इंटरनेट देने वाले वैज्ञानिक टिम बर्नर ली का जन्म ( जन्म 8 जून 1955) इंग्लैंड में हुआ था। हर बरी की तरह इस बार भी गूगल ने अपने डूडल के जरिये सलामी दी। इस डूडल की बहुत बड़ी भूमिका है। वर्ल्ड वाइड वेब ने हमारे जीवन में बहुत बदलाव दिए है एक दुनिया को दूसरी दुनिया से जोड़ा है। इंटरनेट ने लोगो के बिच दुरी को काम किया है। पुरे विश्व की जानकारी को साझा किया है, जिससे ज्ञान और संस्कृति को दुसरो को जानने का मौका मिला है।हम जो भी कुछ जानना चाहते है तो हम गूगल पर खोजते है जो हमे सभी जानकारी देदेता है। और उससे संब्धित जानकारी भी हमे प्राप्त कराता है। (WWW) आधुनिक दुनिया की सबसे बड़ी सफलता के नज़रिये से देखा जा सकता है। आइये जानते है की यह सब कैसे संभव हुआ और कब ? (www) ने 30 साल अपने पुरे कर लिए है, और यह सब टिम बर्नर्स ली के बदौलत संभव हुआ। इसी के सम्मान में गूगल ने अपने डूडल केजरिये वर्ल्ड वाइड वेब को सलामी दी, और लोगो इसके इतिहास से रूबरू कराया।

12 मार्च को वर्ल्ड वाइड वेब को 30 साल अपने पुरे कर लिए है। वर्ल्ड वाइड वेब को (WWW) के नाम से जाना जाता है। सबसे पहले इसका प्रयोग टिम बर्नर ली ने 1989 में किया था, शुरुआती दौर में इसके बहुत सी मुसीबतो का सामना करना पड़ा था। लोगो तक पहुंचने में इसे तकरीबन  दो साल लग गए, जो बहुत लम्बा समय था। इसे पूरी दुनिया के इस्तमाल के लिए 1991 में लॉन्च किया गया। टिम बर्नर ली को इन सभी में शुरवात से बहुत रूचि थी। उन्होंने अपनी पढ़ाई क्वीनस् कॉलेज और ऑक्‍सफोर्ड यून‍िवर्सिटी से पूरी की थी और 1976 में फिजिक्स में डिग्री मिली थी। उन्हें हमेसा परिवार का साथ मिला, जिसके चलते उन्हें सफलता प्राप्त हुई। बताया जाता है की टिम बर्नर ली के माता पिता ने इस खोज में उनकी बहुत सायता की थी।

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वर्ल्ड वाइड वेब कैसे आया जानते है।

टिम बर्नर्स ली नौकरी करते थे, इसी समय उन्होंने  ब्राउजर कंप्यूटर प्रोग्राम लिखा था। बर्नर्सने अपने  मैनेजर से एक ऐसे इंफॉर्मेशन सिस्टम की मांग  की जो एक दूसरे से जुड़ सके। और उनकी इस बात को मान लिया गया। इसके बाद यूनिवर्सिटी और रिसर्चर्स एक कनेक्शन नेटवर्क से जुड़े। इसको बना लिया गया 1991 में इसे लॉन्च किया गया। 6 अगस्त को इंटरनेट की शुरुवथुइ  पहली वेबसाइट http://info.cern.ch थी। इसके बाद इसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। और आज इसकी सफलता देखा सकते है।

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