उत्तरी बिहार में चमकी बुखार से 11 दिनों में 60 बच्चों की मृत्यु हो चुकी है, 135 बच्चों की स्थिति नाज़ुक

Image Source: प्रभात खबर

उत्तर बिहार में मुजफ्फरपुर समेत पांच जिलों में छोटे बच्चों पर दिमागी बुखार का कहर जारी हैं। पिछले बीते करीब 24 घंटों में 12 बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 11 दिनों में 60 बच्चों मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा 135 बच्चों का अन्य अस्पतालों में इलाज जारी है। बता दे कि इस बीमारी से ग्रस्त 23 बच्चों को मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 15 बच्चों का एसकेएमसीएच अस्पताल में इलाज किया जा रहा था। बाकी अन्य 8 बच्चों का केजरीवाल अस्पताल में। दिन प्रतिदिन इस बीमारी के कारण मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसी को मद्देनजर रखते हुए पटना के मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक रखी गई।

डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी का सबसे अधिक असर बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी और वैशाली में देखा गया है। इन जिलों से इस बीमारी से ग्रस्त सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। इस गंभीर बीमारी के ऊपर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कहना है कि बच्चों की मृत्यु का यह मामला बेहद गंभीर है। इस पूरे मामले पर स्वास्थ्य सचिव अपनी नजर बनाए हुए हैं। वरिष्ठ डॉक्टर अधिकारियों ने अलर्ट जारी कर दिया है, सभी को एतिहाद बरतने के निर्देश दिए हैं।

Image Source: News4Nation

एआईएस (एक्टूड इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) और जेई (जापानी इंसेफलाइटिस) को उत्तरी बिहार में चमकी बुखार के नाम से जाना जाता है। इस बीमारी से पीड़ित बच्चों को तेज बुखार आता है, साथ ही शरीर ऐठने लगता है। जिसके बाद बच्चा बेहोशी की स्थिति में आ जाता है। कई मामलों में देखा गया कि बच्चे को अधिक उल्टियां और चिड़ी चिड़ी पन महसूस होने लगता है। इन सभी लक्षणों से आप पता लगा सकते हैं, कि आपके बच्चे के चमकी बुखार है या नहीं। आपके बच्चे में भी इस प्रकार के लक्षण दिखाई देते हैं, तो देरी ना करें और अपने बच्चे को अच्छे अस्पताल में ले जाए। देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए हमारे साथ बने रहे।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here