बालकोट एयर स्ट्राइक में कितने आतंकी मारे गए, आइये जानते है ?

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भारत में इस समय यही सवाल उठाया जा रहा है, की बालकोट एयर स्ट्राइक में कितने आतंकी मारे गए जब देश पर कोई अब्दा आती है तो पूरा देश एक जूट हो जाता है।  पक्ष और विपक्ष सब एक साथ खड़े हो जाते है। लेकिन अब जो भी सवाल उठाये जा रह है। उसके पीछे एक ही सवाल है। (अकड़ा) पुलवामा में CRPF पर हुए आतंकी हमले में 10 राज्यों के 40 जवान शहीद हुए। सरकार और विपक्ष कुछ देर एक साथ नज़र आई। फिर 26 फरवरी को वायुसेना की करवाई हुई। फिर 27 फरवरी को पाकिस्तान ने LOC लांगी, जिसके जवाब में भारतीय वायु सेना ने अपनी करवाई की और पाकिस्तान को उलटे पाव भागना पड़ा। इसी दौरा भारत का एक लड़ाकू विमान पाकिस्तान में क्रैश हो गया, जिसमे हमारे विंग कमांडर अभिनंदन पाकिस्तान में फस गए। इस मुद्दे पर पूरा भारत एक साथ खड़ा दिखा। दो दिन बाद अभिनदंन वापस लोट अये। इसके बाद सब पहले जैसा हो गया।

अब बहुत से नेता इस बात पर सवाल जवाब कर रह है, की कितने आतंगवादी एयर स्ट्राइक में मारे गए। अब कौन सच कह रहा है, और कौन नहीं। इसका पता लगाने के लिए एक ही तरीका है।  शुरू से जानते है सब कुछ जब उरी  में आतंकी हमला हुआ तो भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक तब पाकिस्तान ने भी सबुत मांगे थे और विपक्ष ने भी। जब 26 फरवरी को वायु सेना ने आतंकी कैंपो पर हमला किया इसका सबूत खुद पाकिस्तान ने पहले दिया। पाकिस्तान के समय के मुताबिक सुबहे 5 बजे इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन पाकिस्तान के डेरेक्टर जर्नल का अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट आया , जिसमे उन्होंने खुद इस बात की जानकारी दी।

फिर दूसरा ट्वीट आया जिसमे लिखा था की भारत ने जो हमला किया है वो पाकिस्तान की सरद में घुस कर किया गया है। जिससे आप निचे देख सकते है।

भारत की तरफ से विदेश सचिव विजय गोखले का बयान आया। उससे दो चीजे साफ़ हुई, पहला यह की भारत की करवाई असैन्य थी। और दूसरी चीज टारगेट सिर्फ जैश ए  मुह्म्द का ट्रेंनिंग कैंप था। और हमला सफल रहा। गोखले  ने अपनी बात को पूरा करते हुए 2004 का वादा भी याद दिलाया। की अपनी जमीन का इस्तमाल आतंगवाद के लिए नहीं करेगी। भारत वायु सेना ने 1971 के बाद अब LOC  लांगी थी। गोखले  के बयान के बाद पाकिस्तान पर दबाव भड़ गया। पूरा विश्व पाकिस्तान की और देखने लगी। इस सभी के बाद पाकिस्तान ने क्या जवाब दिया ? की पाकिस्तान में जो हमला हुआ है। वह खाली पड़ी जगह पर किया गया है। और इसमें कोई नुकसान नहीं हुआ है। और यह भी दावा किया की सबूत देंगे।

इसके बाद दोनों देशो की आमने सामने लड़ाई हो गई। और पूरा फोकस अभिनंदन की वापसी पर चला गया। लेकिन एक सवाल अपनी जगह रहा, की 26 फरवरी की सुबहे बालाकोट में हुआ क्या था ? सबकी नज़र अंतर्राष्टीय मिडिया पर थी। बम बालाकोट के जाबा नाम के गाओ के पास गिरे थे। लेकिन यहां मिडिया अपनी मर्जी से नहीं जा सकती थी। BBC ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, की हमे पाकिस्तान की सेना की निगरानी में ले जाया गया। और हमे सब जगह जाने नहीं दिया गया। लोगो ने मिडिया को बताया की एक किलो मीटर से भी कम दुरी पर एक मदरसा है, जिसे जैश ए  मुह्म्द चलता है। पास ही में एक बोर्ड लगा हुआ था, जिसपे मसूद अज़र का नाम लिखा था। पाकिस्तान सेना ने मदरसा में किसी को जाने नहीं दिया गया। और बाद में बोर्ड को भी हटा लिया गया।

एक सवाल यह भी उठा की लाशें कहा गई। भारत के आदिकारिक बयान में कहा गया। की जैश ए  मुह्म्द के आतंकियों को भारी नुक्सान हुआ है। लेकिन पाकिस्तान में काम करने वाली अंतर्राष्टीय पत्रकारिता ने बताया की बम गिरने की जगह से 35 शवों को एम्बुलेंस में लेजाया गया। और खबरे यह भी आई की पास के हस्पताल 60 बैड को खाली कराया गया है।

 

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पकिस्तान ने कहा की हमने F-16 इस्तमाल ही नहीं किया, लेकिन जब 27 फरवरी को भारत में तीनो सेना की बैठक हुई। पूरी दुनिया ने F-16 का मलबा देखा। पाकिस्तान ने अमेरिका की शर्तो के खिलाफ जा कर, एक सैन्य करवाई में F-16 का इस्तमाल किया। अमेरिका ने इस पर पाकिस्तान से जवाब भी पूछा है।

 

 

इस सभी से यह साबित हो गया है की भारत की यह करवाई  में सफल रही है, लेकिन अभी सरकार इसपर खुल कर सामने नहीं आना चहाती। न कोई आकड़े जारी करना चहाती। यह सब वक्त साथ सामने आएगा। फिलाल के अकड़े अनुमानित ही है। और हम सभी को भी शांति बनाये रखनी चाइये। भारतीय सेना हम सबसे बखूभी जानती है की कब क्या निर्णय लेना चाइये। आतंग के खिलाफ सबको एक जुट होना होगा। और भारत सरकार यही कर रही है।

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