Corona Third Wave | कोरोना की दूसरी लहर में दिल्ली सरकार ने बढ़ा-चढ़ाकर की थी ऑक्सीजन की मांग

Corona Third Wave: कोरोना की दूसरी लहर में दिल्ली सरकार ने बढ़ा-चढ़ाकर की थी ऑक्सीजन की मांग

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Corona Third Wave– कोरोना की दूसरी लहर के दोरान दिल्ली समेत कई राज्यों को ओक्सीजन संकट का सामना करना पड़ा था. इस बिच दिल्ली में ओक्सीजन संकट को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ऑडिट पैनल के रिपोर्ट में हेरान करने वाला खुलासा हुआ है. जिससे दिल्ली की केजरीवाल सरकार कठघरे में खड़ी हो गयी है. सुप्रीम कोर्ट की तरफ से गठित समिति ने कहा है कि कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान जब देशभर में ऑक्सिजन के लिए हाहाकार मचा हुआ था, तब दिल्ली सरकार ने जरूरत के चार गुना ऑक्सिजन की मांग कर दी थी.

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समिती ने सुप्रीम कोर्ट को हैरान कर देने वाली बात बताई कि दिल्ली सरकार को जरूरत से ज्यादा ऑक्सिजन आपूर्ति के कारण 12 राज्यों को ऑक्सिजन संकट का सामना करना पड़ा होगा. पैनल की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली को उस वक्त करीब 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत थी, मगर दिल्ली सरकार ने मांग बढ़ाकर 1200 मीट्रिक टन कर दी थी. ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि दिल्ली की अत्यधिक मांग के कारण 12 अन्य राज्यों को जीवन रक्षक ऑक्सीजन की भारी कमी का सामना करना पड़ा क्योंकि अन्य राज्यों की आपूर्ति दिल्ली की ओर मोड़ दी गई थी.

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दिल्लीभर में अस्पतालों द्वारा ऑक्सीजन की भारी मांग के चलते सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूण और एमआर शाह ने एक 12 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया और ऑक्सीजन वितरण को लेकर ऑडिट रिपोर्ट पेश करने को कहा. ऑडिट कमेटी ने अपनी जांच में पाया कि 13 मई को ऑक्सीजन टैंकर अधिकतर अस्पतालों में खाली ही नहीं हो सके क्योंकि वहां पहले ही ऑक्सीजन टैंक 75 प्रतिशत से ज्यादा क्षमता के साथ भरे हुए थे.

यहां तक कि सरकारी अस्पताल जैसे एलएनजेपी और एम्स ने भी फुल टैंक होने की बात कही थी. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 13 मई को कहा था कि अब दिल्ली के पास अतिरिक्त ऑक्सिजन है जिसे दूसरे राज्यों को दिया जा सकता है. उन्होंने बताया था कि दिल्ली सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर कहा है कि उसके पास अतिरिक्त ऑक्सिजन है और इसे दूसरे राज्यों को भी दिया जा सकता है.

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