चक्रवर्ती तूफान से डरा गुजरात, कृषि में आने वाले दिनों में हो सकती है यह समस्याएं

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भारतीय मौसम विभाग ने भविष्यवाणी करते हुए बताया था, कि गुजरात के तटवर्ती इलाकों में चक्रवात तूफान और तेज हवाएं चल सकती है। मौसम विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार अरब सागर से उठने वाली चक्रवाती तूफान वायु 75 किलोमीटर से लेकर अधिक से अधिक 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरात के तटवर्ती इलाकों में हवाएं चलेगी। चक्रवाती तूफान 12 से 13 जून के बीच कभी भी सौराष्ट्र तट पर दस्तक दे सकता हैं। चक्रवाती तूफान के कारण अन्य राज्यों में धीमी-धीमी वर्षा हो सकती है। जिसमें यह राज्य शामिल है, अहमदाबाद, गांधीनगर और राजकोट समेत तटवर्ती इलाके वेरावल, भुज और सूरत इन राज्यों में हल्की बारिश होने के आसार है।

चक्रवात के कारण सौराष्ट्र, भावनगर, अमरेली, सोमनाथ, वेरावल, जामनगर, पोरबंदर और कच्छ समेत कई इलाकों में तेज वर्षा के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर चक्रवात के मामले को देखते हुए गुजरात के सीएम विजय रूपानी अधिकारियों के साथ एक मीटिंग की, इस मीटिंग में फैसला लिया गया कि सभी विद्यालयों की 13 से 15 जून तक छुट्टियां घोषित कर दी जाए। स्कूल समेत 10 राज्यों के स्कूल और कॉलेजों को 2 दिन के लिए बंद करदिये गए है। सरकार किसी प्रकार का खतरा मुह नहीं लेना चाहती। इसी के चलते छुट्टी की घोषणा की गई है।

आपको बता दें कि उत्तर भारत के कई राज्य भीषण गर्मी से जूझ रहा हैं। मौसम विभाग की ओर से पहले ही भविष्यवाणी कर दी गई थी, की मॉनसून भारत में इस बार देरी से दस्तक देगा इसी चरण में मॉनसून धीरे-धीरे भारत की और बड़ी ही रहा था। लेकिन अब चक्रवाती तूफान और तेज हवाओं ने बहुत सी असंकाओ को खड़ा करदिया है। की चक्रवाती हवाओं के कारण मानसून के बादल उड़ ना जाए, अगर ऐसा होता है तो उत्तर भारत को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि उत्तर भारत में बहुत बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। जो मॉनसून पर निर्भर होती है। मानसून ना होने के कारण फसलें बर्बाद होने का खतरा बना रहता है। देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए हमारे साथ बनी रहे।

 

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