Irfan Khan | Irfan Khan Death Anniversary | Irrfan Khan

Irfan Khan Death Anniversary- इरफ़ान खान ने बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी छाप छोड़ी है.

Irfan Khan Death Anniversary
Opoyi

Irfan Khan Death AnniversaryIrfan Khan इरफ़ान खान ने बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी छाप छोड़ी है. उनके फेंस भारत ही नहीं आपको पूरी दुनिया में देखने को मिल जायेंगे. इरफान का पूरा नाम साहबजादे इरफान अली खान था. इरफ़ान का जन्म 7 जनवरी 1967 को हुआ था. और उनकी मुत्यु 29 अप्रैल 2020 को मुंबई में हुई थी. इरफ़ान खान को गुजरे एक साल हो गया है. लेकिन वह अपने फेंस के दिलो में अब भी जिन्दा है. इरफ़ान खान का जन्म राजस्थान में एक मुस्लिम परिवार में, सईदा बेगम खान और यासीन अली खान के घर पर हुआ था.

Irfan Khan Death Anniversary
DGmartpro

इरफान के पिता यासिन अली खान और मां सईदा बेगम थीं. उनके पिता टायर का बिजनेस करते थे. इरफान का बचपन टोंक में बीता. बाद में वो जयपुर चले गए. जयपुर में उन्होंने स्कूली शिक्षा प्राप्त की तथा कॉलेज से स्नातक की डिग्री प्राप्त की. इरफान और उनके सबसे अच्छे दोस्त सतीश शर्मा क्रिकेट में अच्छे थे तथा बाद में, उन्हें साथ में को सीके नायडू प्रतियोगिता के लिए 23 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों हेतु प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कदम रखने के लिए चुना गया था. दुर्भाग्य से, धन की अभाव के कारण वे प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए नहीं पहुँच सके.

Irfan Khan: Irfan Khan Death Anniversary 2011 में उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. इरफान के मामा जोधपुर में थियेटर आर्टिस्ट थे जिनसे वो काफी प्रभावित हुए. जयपुर से एमए की डिग्री लेने के बाद इरफान दिल्ली पहुंचे और साल 1984 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन लिया. इरफ़ान को फिल्म सलाम बॉम्बे में पहला मोका मिला था. फिल्मो के साथ-साथ उन्होंने टीवी सीरियल में भी काम किया था. 2003 में रिलीज हुई फिल्म ‘हासिल’ में इरफान खान ने विलेन का किरदार निभाया था.

फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट विलेन का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था. फिल्म ‘पान सिंह तोमर’ के लिए इरफान खान को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इसके साथ उन्हें भारत सरकार की ओर से पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया. हाल ही में इरफान के बेटे बाबिल ने बताया कि एक्टर को पहले ही एहसास हो गया था कि अब वह दुनिया को छोड़ने वाले हैं. जब वह अस्पताल में थे तब निधन से 2-3 दिन पहले बाबिल, इरफान से मिलने आए थे. बाबिल ने बताया, ‘पापा ने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराए और फिर कहा- मैं मरने वाला हूं. मैंने उनसे कहा कि नहीं ऐसा कुछ नहीं होगा, लेकिन वह फिर मुस्कुराए और सो गए.’ इसके 2-3 दिन बाद एक्टर हम सबको छोड़कर चले गए.

2 COMMENTS

  1. […] वरिष्ट पत्रकार सुधीर चौधरी ने ट्विट कर बताया, अब से थोड़ी देर पहले जीतेन्दर शर्मा का फ़ोन आया. उसने जो कहा सुनकर मेरे हाथ कापने लगे. हमारे मित्र और सहयोगी रोहित सरदाना की मुत्यु की खबर थी. यह वायरस हमारे इतने करीब से किसी को उठा ले जायेगा, कभी कल्पना नहीं की थी. इसके लिए में तेयार नहीं था. यह भगवान् की नाइंसाफी है, ॐ शान्ति. […]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here