महाशिवरात्रि, क्यों मनाई जाती है ? 4 मार्च की है शिवरात्रि।

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source: Inkhabar

आइये जानते है की क्यों मनाई जाती है, महाशिवरात्रि इसबार चार मार्च  सोमवार को शिवरात्रि मनाई जाएगी। इस साल की शिवरात्रि को बहुत महत्वपुर्ण माना जाता है। यह धारणा है की फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी के दिन आने वाली शिवरात्रि को सबसे बड़ी शिवरात्रि माना जाता है। यही कारण है इससे महाशिवरात्रि कहा जा रहा है। इस दिन खासा उत्शा देखा जाता है भक्तो में, बहुत बड़े पैमाने पर भक्त मंदिर जाते है, और शिवलिंग (शिवजी) की पूजा अर्चना करते है। इस दिन भक्त उपवास भी रखते है अपनी मनोकामना के लिए। इस सबके दौरान वह बेलपथर और दूध चढ़ाते है। हम आपको बताते है की फाल्गुन मास की शिवरात्रि का इतना महत्व क्यों है।

वैसे तो इससे जुड़ी बहुत सी गाथाएं है, और इसकी बहुत सी वजह है।

पौराणिक कहानियों के मुताबिक महाशिवरात्रि के दिन शिवजी शिवलिंग के रूप में दिखाई दिये थे। इसी दिन पहली बार शिवलिंग की भगवान विष्णु और ब्रह्माजी ने पूजा की थी। यही कारण रहा की आज भी यह सब धोराया जा रहा है, इसलिए इस दिन शिवलिंग की  विशेष पुजा की जाती है। इस पर यह धारणा भी है की ब्रह्मा जी ने ही महाशिवरात्रि के दिन ही शिवजी के रुद्र रूप का प्रकट किया था। वैसे इस पर बहुत सी धारणा रखी जाती है।

जोशी त्याग की कथा है, शिव की शादी पर आधारित है। 

यह कथा श्री रामचरितमानस और श्रीमद्भागवतपुराण में भी मिलती है। इस कथा के अनुसार शिवजी और स्ति जी जा रह थे, उन्होंने राम और लक्ष्मण को देखा। जो सीता को ठुंड रह थे। स्ति को कुछ संख्या होती है राम पर इसलिए वह सीता का रूप धारण करके परीक्षा लेने जाती है। फिर स्ति शिव के पास जाती है और झूठ कहती है की मैंने राम की परीक्षा नहीं ली। लेकिन शिव को इस बात का पता लग जाता है। सीता सिव की माँ लगती थी, जिसका रूप धारण स्ति ने लिया था इसी कारण शिव बोलते है की अब तुमने मेरी माँ का रूप धारण किया मैं इस जन्म में तुम से शादी नहीं कर सकता। इस लिए उन्होंने स्ति को त्याग दिया। इसके बाद स्ति के पिता ने एक हवन रखा था जिसमे सिव को नहीं बुलाया गया इसी बात से करोद होकर स्ति हवन की आग में अपने प्राण दे दिए इसके बाद उन्होंने दूसरा जन्म लिया। राम ने शिव से विनती की जब भी पार्वती विवहा के लिए बोले तो आप मना मत करना। फिर शिव और पार्वती की शादी हो गई इस दिन को ही महाशिवरात्रि कहा जाता है।  इसलिए इस दिन शिवरात्रि मनाई जाती है।

Image Source: Navodaya Times

दक्षिण भारत में क्या कथा प्रचलित है ?

ब्रम्हा और विष्णु के बीचमे एक चर्चा होती है, की हम दोनों में बड़ा कौन है। उसी समय एक बहुत बड़ा खम्बा (शिवलिंग) प्रकट हो जाता है, ब्रम्हा जी कहा  मैं इसका ऊपर वाला आखरी बाग देखता हु। और विष्णु ने कहा में निचला भाग देखता हूँ। और दोनों में से किसी को उसका अंत नहीं मिल पाता। जो रह प्रकरण है, यह महाशिवरात्रि को हुआ था। इसलिए महाशिवरात्रि मनाई जाती है। और इसक हिन्दुओ में बहुत महत्व है।

जानते है की  उपवास का क्या अर्थ होता है 

‘उप’ = समीप (निकट) ‘वास’ = निवास। भगवान के निकट आना इसी को उपवास कहा जाता है।

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