Sushma Swaraj Died: लाखो की उम्मीद थी सुषमा स्वराज | सुषमा जी से जुड़ी महत्वपूर्ण बाते

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पूर्व विदेशी मंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज जी का मंगलवार की रात को दिहांत हो गया। सुषमा स्वराज दिहांत के समय उनकी आयु 67 साल की हो चुकी थी। सुषमा जी के सीने में दर्द होने के कारण उन्हें मंगलवार की शाम को एम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। एम्स हॉस्पिटल के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक सुषमा स्वराज जी को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया, साथ ही साथ बताया की सुषमा जी को रात 9:30 बजे एम्स हॉस्पिटल में लाया गया और सीधे इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। जहा पांच डॉक्टरों ने मिलकर उनका इलाज किया। सुषमा जी का हाल जानने के लिए  राजनाथ सिंह, हर्षवर्धन, नितिन गडगरी, स्मृति ईरानी समेत कई और  केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के बड़े नेता हॉस्पिटल पहुँचे। बुधवार को यानि की आज बीजेपी मुख्यालय में दोपहर 3 बजे तक अंतिम दर्शन किये जाएंगे। लोधी रोड शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया जायेगा।

आपकी जानकारी के लिए बता दे की 67 उम्र की सुषमा स्वराज जी ने कुछ साल पहले हार्ट ट्रांसप्लांट का इलाज कराया था, जिसकी कारण से वह 2019 के आम चुनाव में नहीं लड़ पायी थी, और मोदी जी के अगुआई वाली दूसरी सरकार में मंत्री पद भी नहीं लिया था। सुषमा जी के जीवन पर एक प्रकाश डाले तो  सुषमा स्वराज का जन्म हरियाणा के अंबाला कैंट में 14 फ़रवरी 1953 को हुआ था। उनके माता पिता मूल रूप से लाहौर के रहने वाले थे। सुषमा जी ने संस्कृत और राजनीती विज्ञान से ग्रेजुएशन करी थी। कॉलेज के दिन से ही वह बेस्ट स्पीकर अवार्ड जीतते आ रही थी। सुषमा जी ने पंजाब यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई करने के बाद 1973 में सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू कर दी थी।  देखा जाये तो उन्होंने 70 के दशक में ही ABVP से जुड़ कर राजनीती में प्रवेश कर लिया था। सुषमा जी के पति स्वराज कौशल जॉर्ज फर्नांडिस से करीबी तौर पर जुड़े हुए थे, इसीलिए सुषमा भी 1975 में जॉर्ज की लीगल डिफेन्स का हिस्सा बन गयी थी। राजनीती में उनका पहला ब्रेक था 1977 का हरयाणा विधान सभा चुनाव था ।  वह केवल 25 साल में ही सबसे युवा कैबिनेट मिनिस्टरबानी। वह सात बार लोकसभा की सदस्य रही। उन्होंने लम्बे समय तक मध्य प्रदेश की विदिशा सीट से लोकसभा चुनाव की लड़ाई लड़ी ।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पूर्व विदेशी मंत्री सुषमा स्वराज के निधन पर मंगलवार को गहरा दुःख व्यक्त किया और कहा की भारतीय राजनीती के एक गौरवशाली अध्याय का अंत हो गया। कल रात भारत के एक ऐसे नेता का अंत हो गया, जिन्होंने जनसेवा और गरीबो के जीवन में सुधार लाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। सुषमा जी करोड़ो लोगो के लिए एक प्रेरणास्रोत थी। गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत और भी कई केंद्रीय मंत्री और नेता देर रात एम्स पहुँचे।

लाखो की उम्मीद थी सुषमा स्वराज

मोदी जी के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री के रूप में सुषमा जी ने विदेश में परेशान भारतीयों के वीसा और पासपोर्ट की प्रॉब्लम से जुडी समस्या का तुरंत इलाज कराया। दिल्ली के दिल में थी सुषमा स्वराजसुषमा जी हरयाणा की थी, लेकिन दिल्ली में बीजेपी कार्यकर्ताओ के बीच इतनी लोकप्रिय थी की  1988 में कड़ी टकर को देख्ते हुए पार्टी ने चार महीने पहले उन्हें ही मुक्यमंत्री बना दिया।  सुषमा जी ने दिन रात एक करके  दिल्ली के दिल में जगह बना ली।

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