पाकिस्तान का पानी रोका गया क्या है इसकी सच्चाई ,आइये जानते है ?

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पहला सवाल की कहा से शुरू हुई यह बहस ? नितिन गड़करी  ने एक ट्वीट किया ,उन्होंने लिखा प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार ने फैसला लिया है। की भारत के हिस्से का जो पानी है ,जो पाकिस्तान में जाता है , उसे रोका जायेगा हम इस पानी को जम्मू कश्मीर और पंजाब  के लोगो को देंगे।  दुरसा सवाल की लोगो के बिच क्या कन्फूशन फैला। इस ट्वीट के बाद सोशल मिडिया पर और न्यूज़ चेंनलो पर यह खबर दिखाई देने लगी। और बताया गया की पुलवामा हमले बाद भारत सरकार पाकिस्तान का पानी रोक रही है ,और यह कन्फूशन फैलना बिलकुल लाज़मी था।
पुलवामा में 40 जवानो की सहादत के बाद देश में पाकिस्तान के खिलाफ एक माहौल सा बन गया है ,हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का हाथ था। अब सरकार जो भी कदम उठा रही है उसे पाकिस्तान से बदले से जोडा जा रहा  है। नितिन गड़करी के  ट्वीट को भी इसी का हिस्सा मान लिया गया है। तीसरा सवाल पानी रोकने का सच क्या है ? जब भारत और पाकिस्तान का बटवारा हुआ ,तो दोनों देशो के बिच पानी पर समझौता हुआ ,इसे सिंधु जल समझौता कहा गया। भारत से पाकिस्तान जाने वाली कुल 6 नदिया है। सिंधु,झेलम,चेनाब ,रावी ,ब्यास ,सतलुज।
इन नदियों को दो भागो में बाटा गया है। पूर्वी और पश्चमि पहली तीन नदियों के पानी को पाकिस्तान इस्तमाल करेगा। पूर्वी नदियों के पानी को भारत इस्तमाल करे गा ,लेकिन पाकिस्तान अपने हिस्से का पानी पूरा इस्तमाल करता है ,लेकिन भारत अपनी नदियों का पूरा पानी इस्तमाल नहीं कर पाता। न चाते हुए भी भारत का पानी पाकिस्तान की और बह जाता है , और उससे पाकिस्तान इस्तामल करता है। चौथा सवाल पुलवामा हमले के चलते भारत पानी को रोक देगा। , भारत सरकार पानी रोकने की योजना तो बना रही है। लेकिन इसकी वजह पुलवामा हमला नहीं है।
इसी साल 11 जनवरी  को नितिन गड़करी ने एक डैम का प्रस्ताव पर हस्ताक्सर किये थे , जो यमुना पर बनेगा ,इस MOU पर हस्ताक्षर करने के बाद ,बोला सिंधु जल समझौते के बाद भारत अपने हिसे का सिर्फ 93% पानी ही इस्तमाल कर पाता है। बाकि सारा पानी पाकिस्तान में चले जाता है। 2016 में उरी हमले के बाद यह तय किया गया जो भी भारत का पानी पाकिस्तान जाता है उससे रोका जायेगा ,इसके लिए भारत सरकार ने तीन बड़े वाटर प्रोजेक्ट शुरू किये , शाहपुर कांदी डैम ,सतलुज ब्यास लिंक डैम , उझ डैम। यह एलान मार्च में भी किया गया था। यह स्पष्ट होगया है की पुलवामा हमले के बाद कुछ नहीं हो रहा है। यह सब उरी अटैक के बाद शुरू हुआ था।
क्या पानी रोकने से पाकिस्तान को किसी तरह की परेशानी होगी ?
 
पाकिस्तान को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। यह जभी किया जा सकता जब भारत के पास इतना पानी स्टोर करने की शमता हो। पर अभी यह असंभव सा साबित होता है। इस मोकम पर पहुंचने के लिए भारत को अभी बहुत समय लगेगा। और भारत ऐसी नीतियों पर नहीं चलता की पड़ोसी मुल्को को परेशान करे या अपने संसाधनों का गलत इस्तमाल करे। भारत जरूरत और राणिति के हिसाब से पानी  रोके गा।  न की किसी को प्यासा रखने के लिए। भारत एक समझदार देश है , जो भी करेगा सोंच समज के करेगा।

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