Uttarakhand Glacier Burst | Uttarakhand Glacier Burst Live Updates

Uttarakhand Glacier Burst: 19 सव बरामद हुए, करीब 202 लोग लापता.

Uttarakhand Glacier Burst
Times of India

Uttarakhand Glacier Burst– उतराखंड के चमोली जिले में रविवार को ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने के कारण अचानक भिसन बाढ़ आ गयी है. इस आपदा की सूचना मिलने पर आईटीबीपी, बीआरओ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को बचाव कार्यो में लगाया गया है. दोनों परियोजनाओ में काम कर रहे 155 से जायदा मजदूरो और स्थानियों लोगो के हताहत होने की खबर है. अभी आठ लोगो के सव मिले है. जिला प्रशासन के अनुसार बाढ़ के दोरान ऋषिगंगा जल विद्धुत परियोजना में 30 से 40 लोग काम कर रहे थे. चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद से नदियों में आई बाढ़ के बाद ITBP को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है.

हादसे के बाद कुछ लोगो के सुरंग में फसे होने की खबर थी. जिससे की ITBP के जवान सुरंग में फसे लोगो को बहार निकालने में जुटे हुए है. सुरंग से बहार निकालने पर एक मजदुर ने बाते के सुरंग में गर्दन तक मलबा भर गया था. उस सक्श ने बताया के सुरंग के अन्दर मलबा हमारी गर्दन तक भर गया था. में खुद सरिया पकड़कर बाहर आया हु. केंद सरकार ने आपदा में जान गवाने वाले लोगो के परिजनों को 2- 2 लाख रूपए मुआवजा देने का ऐलान किया है साथ ही घायलों को 50 हजार रूपए मुआवजा देने का ऐलान किया है. उतराखंड सरकार ने इस आपदा में जान गवाने वाले के परिजनों को 4-4 लाख रूपए मुआवजा देने का ऐलान किया है.

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इसी के साथ घायलों को 50 हजार रूपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने बताया की इस समय सरकार का पूरा ध्यान रहत और बचाव पर है. देर साम तक धोली गंगा पर रेणी गाव को अन्य से जोड़ने वाला 90 सपन का मोटर पुल और चार अन्य झूला पुलों के बहने के जानकारी है. धोलिगंगा के एक किनारे पर करीब 17 गाँव है, जो सड़क न होने के कारण संपर्क से कट गए है. मुख्यमंत्री ने बताया के प्रधानमंत्री ने घटना की जानकारी मिलते ही फोन किया था. उस समय वे हेलिकोप्टर में थे. प्रधानमंत्री ने हर तरह के सहयोग का आश्वासन दिया.

ईसि तरह राष्टपति ने भी फ़ोन किया. और हर तरह की मदद का आश्वासन दिया. रविवार सुबह 10:30 बजे NTPC की एक टीम को सुरंग के अन्दर सर्वे कराने लेकर गये थे. जीत सिंह ठाकुर टीम के साथ सुरंग में 250 मीटर अन्दर थे. तभी यह आपदा आ गयी. सुरंग का बड़ा हिस्सा मलबे से पूरी तरह बंद है. लक्सर छेत्र में गंगा के किनारे फसल की रखवाली कर रहे करीब 500 किसानो को हटाकर गावं जाने के निर्देश दिए गए.

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